सैलरी-पैकेज की दौड़ में स्किल्स को ना करें नज़रअंदाज़, बोले एक्सपर्ट्स

एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ हो चुका है और इसी के साथ ही देश का युवा वर्ग नए साल में नए मौकों की तलाश के लिए बिल्कुल तैयार दिख रहा है। ऐसे में स्पॉटपोस्ट.इन (SpotPost.in) की टीम ने इंडस्ट्री के जानकार और रिक्रूटमेंट देखने वाले बुद्धिजीवियों से बात करने का मन बनाया । उनसे मिलकर हमने यह जानने की कोशिश की कि आज के युवा वर्ग को करियर में आने वाली चुनौतियों के लिए खुद को तैयार रखना चाहिए और किन क्षेत्रों में बेहतर विकल्प मिल सकने की आशंका है ।

जब हमने इस विषय पर देश में ही स्थित एक आई.टी. फर्म के रिक्रूटर् से बात की तो उन्होंने कहा – “इस बात में कोई दो राय नहीं है की देश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, वे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने हुनर का लोहा मनवा रहे हैं ।”

बातों की कड़ी को हमने आगे बढ़ाते हुए उनसे युवाओं के स्किल सेट के विषय में जानने का प्रयास किया । जवाब सुनकर हमें ही नहीं आपको भी ताज्जुब होगा की उन्होंने कहा – “करीब दो दशक पहले युवा वर्ग अपने स्किल सेट के सुधार के विषय में ज्यादा ध्यान दिया करता था । उस दौर में एक्सपीरियंस गेन करने और क्षेत्र की जानकारी पर काफी ध्यान दिया जाता था जिसकी वजह से स्टाफ को अपने क्षेत्र का 360 डिग्री नॉलेज हुआ करता था । वैसे भी यह वह दौर था जिसमें नौकरी के विकल्प आसानी से नहीं मिला करते थे । यही कारण था की नया कामकाजी वर्ग अपने दिए गए कार्य के प्रति सजग था और उस में रूचि भी अधिक लिया करता था ।

परंतु आज समय बदल चुका है आज युवाओं के पास विकल्पों का कोई अभाव नहीं है । शायद यही कारण है की उनके अप्रोच में भी बदलाव आया है । मेरे ख्याल से आज के युवाओं को अपनी पिछली पीढ़ियों से सीख लेते हुए अपने स्किल सेट पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है । अपने करियर के शुरुआती समय में सैलेरी-पैकेज की दौड़ से अपने आप को दूर रख कर ज्यादा से ज्यादा ज्ञान अर्जित करने की कोशिश करनी चाहिए ।

जब हमने इसी संदर्भ में एक निजी बैंक के एच.आर. मैनेजर से बात की तो उन्होंने खुलकर अपना दर्द बयान किया । उन्होंने कहा कि – “कॉलेज और शिक्षण संस्थानों की बढ़ती फीस की वजह से युवा वर्ग करियर के शुरुआती समय में आर्थिक तंगी के कारण जल्दी ही जॉब स्विच करना चालू कर देते हैं । यह चलन किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होता। एक और एम्प्लोयी (Employee) का सैलेरी पैकेज तो बढ़ जाता है पर उनके स्किल सेट में ख़ासा सुधार नहीं हो पाता । इसके अतिरिक्त जॉब सीकर्स (Job Seekers) के सी.वी. (Resume / CV) पर भी इसका खराब प्रभाव पढता है । दूसरी और हायर करने वाली कम्पनीज़ को ट्रेनिंग पर ज्यादा खर्च करना पढता है और साथ ही इसमें काफी समय भी लग जाता है जिस कारण से कम्पनीज़ का हायरिंग बजट भी गड़बड़ा जाता है ।

करियर में उचाईआं हासिल करने के लिए इन ५ बातों का विशेषतः ध्यान रखें –

1. सम्बंधित क्षेत्र में सिर्फ एजुकेशन या डिग्री होना ही काफी नहीं है। आपको ज़रूरी स्किल्स का भी ज्ञान होना चाहिए ।
2. प्रशिक्षण संस्थानों के करिकुलम पर पूरी तरह निर्भर ना रहें । ऑनलाइन न्यूज़, मैगजीन्स, केस स्टडीज़ को नियमित रूप से पढ़ें और अपडेटेड रहें
3. ध्यान रखें की आज केवल एजुकेशन ही काफी नहीं है आपको अपने पूर्ण व्यक्तित्व के विकास का भी ख़ासा ध्यान रखना चाहिए। अपने सम्पूर्ण विकास के लिए एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टविटीज में ज़रूर भाग लें ।
4. जॉब में सफलता के लिए आपको एक बेहतर टीम प्लेयर बनना पड़ेगा और यह तभी संभव है जब आप लोगों के साथ खुलकर बात करेंगे ।
5. अच्छे विकल्प पाने के लिए आप दोस्तों का एक विशेष समूह या फिर नेटवर्क भी बना सकते हैं जिनके साथ आप करियर, जॉब प्रॉस्पेक्ट्स और कई विषयों पर खुल कर वार्तालाप कर सकते हैं।

जिन क्षेत्रों में युवाओं को आने वाले समय में बेहतर विकल्प मिल सकते हैं उनमें मुख्यतः – आई टी, कुर्रिएर और लोजिस्टिक्स, ई-वेस्ट, क्लीनिंग इंडस्ट्री, ई-कॉमर्स, फार्मा और हैल्थ केयर, ऑटोमेशन, क्लाउड बेस्ड सोलूशन्स, सिक्योरिटी सोलूशन्स, टूरिज्म, होटल इंडस्ट्री इत्यादि शामिल हैं ।