गुजरात में स्वाइन फ्लू के मामलों में कमी आने का अंदेशा

गुजरात में स्वाइन फ्लू संक्रमण खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है|हस्पतालों में हर रोज स्वाइन फ्लू से पीड़ित लोग दाखिल किये जा रहे हैं| करीब नए साल के जनवरी महीने से यह सिलसिला शुरू हुआ था जिस से अब तक के आंकड़ों के अनुसार 55 लोगों की मृत्यु हो चुकी है| बताया जा रहा है की इस बीमारी के चलते 1400 से अधिक मामले सामने आ चुकें हैं| वहीं सबसे ज्यादा मरीज अहमदाबाद क्षेत्र में पाए गए हैं|

बीते दो दिन में अकेले गुजरात में स्वाइन फ्लू से दो मौतें हुई वहीँ 16 नए मामले सामने आये। स्वास्थय अधिकारीयों के मुताबिक यह मौसमी इन्फ्लुएंजा का असर है और आने वाले दो सप्ताह में स्वाइन फ्लू के मामलों में कमी देखने को मिलेगी

हाल ही में गुजरात के स्वास्थ्य आयुक्त जयंती रवि ने बीते मंगलवार को इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में 3. 57 प्रतिशित की मृत्यु दर दर्ज की गयी है जो कि राज्यस्थान की तुलना में काफी कम है| केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम का गठन किया है जो राज्य में स्वाइन फ्लू की महामारी को बढ़ने के कारणों का जायजा ले रही है| इस टीम में विशेष रूप से उच्च दर्जे के डॉक्टरों को चुना गया है| इस टीम के सदस्यों के अहमदाबाद, वडोदरा और भावनगर क्षेत्रों में जाने का आदेश दिया गया है|

रवि ने कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया की पिछले कुछ दिनों से ठंड बढ़ने के कारण स्वाइन फ्लू के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है लेकिन इस समस्या से घबराने की कोई जरूरत नहीं है| लोगों को पल-पल इसके लिए सचेत किया जा रहा है| साथ ही लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों से सतर्क रहने की अपील की है| लक्षणों का पता लगते ही मरीज को अपने पास के किसी हस्पताल में जा कर बिमारी की जांच करवानी चाहिय|साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है|